बछड़ा अभी खड़ा है, इसलिए पहले बाकी काम निपटाने का मन हो सकता है। दस्त दिखने पर सलाह लेने के लिए कमजोरी का इंतजार न करें।
वजह समझें
एनडीडीबी के अनुसार दस्त में पानी और जरूरी लवण तेजी से निकल सकते हैं और जान को खतरा हो सकता है। धँसी आँखें और त्वचा का लचीलापन घटना पानी की कमी के संकेत हैं। ये संकेत न हों तब भी समस्या को हल्का न मानें।
अपना हिसाब रखें
दस्त कब शुरू हुए, क्या खाया और क्या देखभाल दी, लिखें। यह कल के झुंड की चिंता है। जल्दी मदद माँगना नाकामी नहीं है।
अभी क्या करें
- डॉक्टर को तुरंत बताएँ। पहचान, उम्र पता हो तो उम्र, दस्त की शुरुआत, पीने और खड़े होने की स्थिति दें।
- कमजोरी, खून, धँसी आँखें या साँस में बदलाव बताएँ। खड़ा या पी नहीं पा रहा तो तत्काल मदद चाहिए।
- तरल और भोजन डॉक्टर की योजना से दें। कमजोर बछड़े को जबरदस्ती न पिलाएँ, अपनी तरफ से दवा न चुनें।
- सूखी साफ जगह दें, गंदा बिछावन हटाएँ। अलग रखने और सफाई का निर्देश लें तथा बदलाव लिखते रहें।
उत्पाद कहाँ मदद करता है
एटूज़ेड का बिछावन उठाने का कांटा गंदा बिछावन निकालने में काम आता है। यह पानी की कमी, संक्रमण या दस्त का इलाज नहीं है। बछड़े से दूर सुरक्षित इस्तेमाल करें और गीला होने की वजह भी सुधारें।
डॉक्टर कब बुलाएँ
दस्त पर जल्दी सलाह लें। खड़ा न हो पाना, पी न पाना या तेजी से हालत बिगड़ना तत्काल जाँच की वजह है। बाड़ा साफ करने में डॉक्टर बुलाना न टालें।
आज का छोटा बदलाव देखकर कल के झुंड को बचाएँ।
सार्वजनिक स्रोत: NDDB: बछड़ों में दस्त · NDDB: बछड़ों का स्वास्थ्य और स्वच्छता
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