चारा रोज आ रहा है, पर पशु का शरीर नहीं बन रहा। खर्च बढ़ाने से पहले समझें कि बढ़त क्यों रुकी है।
कीड़े संभव हैं, पक्का निदान नहीं
एनडीडीबी पेट के कीड़ों के असर में धीमी बढ़त, कम दूध, दस्त और देर से परिपक्वता बताता है। लेकिन दुबलेपन की वजह आहार या दूसरी बीमारी भी हो सकती है। सिर्फ देखकर एक ही दवा सबको न दें।
हिसाब और जानकारी साथ रखें
चारा, दूध और शरीर में बदलाव लिखें। पहले दी गई दवा भी डॉक्टर को बताएँ। किसी गन से निश्चित दूध या वजन बढ़ने का दावा नहीं किया जा सकता।
दवा से पहले निर्णय सही करें
- पशु चिकित्सक से जाँच कराएँ और पूछें कि कीड़ों या आहार की कौन सी जाँच चाहिए।
- वजन तय कराएँ। दवा, उसकी सांद्रता, मात्रा, समय और दूध या मांस रोकने की अवधि लिखवाएँ।
- प्रशिक्षित व्यक्ति से दवा पिलाना सीखें। निगल न पाने पर जबरदस्ती न करें। खाँसे या संघर्ष करे तो रोककर मदद लें; अधूरी खुराक पर अपने आप दोबारा न दें।
गन का सीमित काम
एटूज़ेड की मुँह से दवा पिलाने की गन डॉक्टर की बताई उपयुक्त तरल दवा देने का साधन है। यह दवा या मात्रा नहीं चुनती। निर्धारित मात्रा के लिए उपयुक्तता, संचालन और सफाई जाँचें। ट्रिगर दबना पूरी दवा निगलने का प्रमाण नहीं है।
डॉक्टर कब बुलाएँ
लगातार दस्त, कमजोरी, बढ़ता दुबलापन या खाने और दूध में अचानक गिरावट हो तो जल्द मदद लें। अपने आप दवा तेज या खुराक ज्यादा न करें।
हर चारे की टोकरी का मूल्य बचाएँ, रुकी बढ़त की वजह पूछें।
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