बीज आपने खरीदा, पानी आपने दिया, लेकिन खाली जगह खरपतवार भर रहे हैं। मेहनत गलत पौधे को मिलती दिखे तो चिंता होना स्वाभाविक है।
समय पर ध्यान क्यों दें
टीएनएयू के अनुसार खरपतवार पानी, धूप और पोषक तत्वों के लिए फसल से प्रतिस्पर्धा करते हैं। जरूरी नियंत्रण अवधि फसल के अनुसार बदलती है। हर खेत के लिए एक ही कैलेंडर सही नहीं है।
खर्च समझें
बार-बार उगने वाली जगह और निराई में लगा समय लिखें। उपज का मनगढ़ंत नुकसान न जोड़ें। छोटे हिस्से का सही समय पर काम, पूरे खेत को लेकर बेचैन रहने से ज्यादा उपयोगी योजना है।
खेत देखकर काम चुनें
- कतारों में घूमकर खरपतवार पहचानें। अनजान पौधे पर कृषि सलाहकार की मदद लें।
- फसल की अवस्था के अनुसार निराई का समय तय करें। जड़ों और तनों को चोट पहुँचाए बिना काम करें।
- दोबारा उगने वाली जगह जाँचें। फसल चक्र या उचित मल्च के बारे में सलाह लें।
एटूज़ेड औज़ार कहाँ काम आएँ
हाथ से खरपतवार निकालने का औज़ार पास से अलग खरपतवार निकालने में काम आता है। पर्याप्त जगह में डंडा लगाने वाली कुदाल का फाल (डंडा शामिल नहीं) हाथ से गुड़ाई का विकल्प है। औज़ार फसल या खरपतवार नहीं पहचानते और उपज बढ़ने की गारंटी नहीं देते। काम, जगह और हैंडल की जरूरत देखकर चुनें।
किस विशेषज्ञ की जरूरत है
जिद्दी खरपतवार या फसल की बीमारी के लिए कृषि विस्तार सलाहकार से बात करें। आम निराई का सवाल पशु चिकित्सक का विषय नहीं है। निकाले पौधे खाने के बाद पशु बीमार पड़े तो डॉक्टर को तुरंत बताएँ कि उसने क्या खाया होगा। अनजान पौधे को सुरक्षित चारा न मानें।
अपनी मेहनत का हिस्सा फसल तक पहुँचाना भी मजबूत खेती है।
सार्वजनिक स्रोत: TNAU
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