हर गांव में पशु हैं। हर पशुपालक को साल भर कुछ न कुछ सामान चाहिए: दवाई पिलाने की गन, खुर काटने का औज़ार, नकेल, ईयर टैग और रस्सी। ज़्यादातर किसान यह सामान शहर से लाते हैं या पशु डॉक्टर से मांगते हैं। इसी कमी को एक दुकान पूरा कर सकती है।
औज़ार बेचने के लिए दवा का लाइसेंस नहीं लगता
पहले तय करो कि आप क्या बेचोगे। पशु की दवाई बेचने के लिए ड्रग लाइसेंस लगता है। उसके लिए फार्मासिस्ट या तय योग्यता की शर्त होती है। औज़ार और उपकरण अलग चीज़ हैं। ड्रेंचिंग गन, हूफ नाइफ, नाक की नथ, ईयर टैग, काफ वीनर और काउ ब्रश दवाई नहीं हैं। इनके लिए वही कागज़ चाहिए जो किसी भी आम दुकान को चाहिए। सिरिंज और सुई पर अपने राज्य का नियम एक बार ज़िले के ड्रग ऑफिस से पूछ लो। कुछ राज्यों में इनके लिए अलग शर्त होती है।
बहुत से दुकानदार दोनों रखते हैं। आपकी दवाई की दुकान पहले से है तो औज़ार की एक शेल्फ जोड़ना सबसे आसान कदम है। वही किसान आता है और एक ही बार में ज़्यादा सामान ले जाता है।
कितनी जगह चाहिए
शुरुआत के लिए बड़ी दुकान ज़रूरी नहीं। एक छोटा कमरा या किसी चलती दुकान का एक कोना काफी है। ये बातें ध्यान रखो:
- दुकान वहां खोलो जहां किसान पहले से आता है। डेयरी कलेक्शन सेंटर, फीड की दुकान, पशु अस्पताल या मंडी के पास।
- दीवार पर हुक और शेल्फ लगाओ। लटका हुआ औज़ार किसान खुद उठाकर देखता है।
- कार्टन के लिए सूखी जगह रखो। लोहे के औज़ार नमी में ज़ंग पकड़ते हैं।
- काउंटर पर हर रेंज का एक सैंपल खुला रखो। किसान हाथ में पकड़कर ही खरीदता है।
कौन से कागज़ लगते हैं
औज़ार की दुकान के लिए कागज़ कम हैं। आम तौर पर ये लगते हैं:
- जीएसटी रजिस्ट्रेशन। थोक में माल लेने और गौशाला या डेयरी फार्म जैसे बड़े ग्राहक को बिल देने में जीएसटी नंबर काम आता है।
- शॉप एंड एस्टैब्लिशमेंट रजिस्ट्रेशन। यह आपके राज्य का लेबर डिपार्टमेंट देता है। कई राज्यों में यह ऑनलाइन हो जाता है। गांव में नियम अलग हो सकते हैं, इसलिए ब्लॉक या नगर पालिका से पूछ लो।
- उद्यम रजिस्ट्रेशन। यह भारत सरकार का मुफ्त एमएसएमई रजिस्ट्रेशन है। बैंक लोन और सरकारी योजना में काम आता है।
- दुकान के नाम से बैंक में करंट अकाउंट।
नियम राज्य के हिसाब से बदलते हैं। कोई भी कागज़ बनवाने से पहले अपने सीए या ज़िले के ऑफिस से पक्का करो।
पैसा कितना लगेगा
पैसा तीन जगह लगता है: दुकान का किराया और शेल्फ, पहला स्टॉक, और हाथ में रखा काम का पैसा। सबसे ज़्यादा ध्यान स्टॉक पर दो। बहुत सारे आइटम थोड़े थोड़े मत लो। पहले वे आइटम लो जो आपके इलाके में हर हफ्ते बिकते हैं। ग्राहक कुछ और मांगे तो अगले ऑर्डर में जोड़ दो।
A2Z का सुझाव है कि शुरुआत लगभग एक लाख रुपये के स्टॉक से करो। इसमें अच्छा मिक्स आ जाता है और दुकान खाली नहीं दिखती। किराया और शेल्फ का खर्चा अलग है। कुछ पैसा हाथ में भी रखो, ताकि जल्दी खत्म होने वाला आइटम तुरंत दोबारा मंगवा सको।
औज़ार का एक बड़ा फायदा है। इनकी एक्सपायरी नहीं होती। दवाई और फीड की तरह माल खराब होने का डर नहीं। जो आज नहीं बिका, वह अगले महीने बिक जाता है।
पहला स्टॉक क्या रखें
अपने इलाके के पशु देखो और वही रखो। एक आम डेयरी इलाके में ये रेंज शुरू से चलती हैं:
- दवाई देने के औज़ार: ड्रेंचिंग गन (drenching gun), 500 ml सिरिंज (syringe) और वैक्सीनेटर (vaccinator)। पूरी डोज़िंग रेंज देखो।
- खुर की देखभाल के लिए हूफ नाइफ (hoof knife), हूफ निपर (hoof nipper) और हूफ रास्प (hoof rasp)।
- पकड़ और बांधने के लिए नोज़ रिंग (nose ring), गाय का हॉल्टर (cow halter) और एंटी-किक बार (anti-kick bar)।
- पहचान के लिए ईयर टैग (ear tags) और उनका एप्लीकेटर।
- बछड़े के लिए काफ वीनर (calf weaner) और फीडिंग निप्पल।
- चोट के लिए कोहेसिव बैंडेज (cohesive bandage)।
मौसम और इलाके के हिसाब से स्टॉक
हर महीने एक जैसा माल नहीं बिकता। जो मौसम आने वाला है, उसका माल एक महीना पहले रखो।
- सर्दी से पहले बछड़े का कंबल और चूज़ों के लिए इन्फ्रारेड बल्ब (infrared bulb) की मांग बढ़ती है।
- गर्मी में पानी के बाउल और ट्रफ ज़्यादा बिकते हैं।
- ब्यात के मौसम में काल्विंग रोप, काफ पुलर (calf puller) और बछड़े का सामान चलता है। आपके इलाके में ब्यात कब ज़्यादा होती है, यह डॉक्टर या डेयरी सोसाइटी से पूछ लो।
- भेड़ पालन वाले इलाके में ऊन काटने के मौसम से पहले वूल शियर्स रखो।
इलाका भी देखो। हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश जैसे डेयरी इलाकों में गाय भैंस का सामान सबसे ज़्यादा चलता है। राजस्थान में भेड़ बकरी का सामान भी चलता है। नॉर्थ ईस्ट में सूअर पालन का सामान। जहां पोल्ट्री फार्म ज़्यादा हैं, वहां ड्रिंकर और ब्रूडर का।
किसान ग्राहक कैसे मिलेंगे
- पास के डॉक्टर और पशु मित्र से मिलो। वे रोज़ किसान से मिलते हैं और सामान का नाम लेते हैं। उन्हें अपना नंबर और आइटम लिस्ट दो।
- डेयरी कलेक्शन सेंटर पर बोर्ड या पर्चा लगाओ। सुबह शाम पूरे गांव के पशुपालक वहां आते हैं।
- गौशाला और बड़े डेयरी फार्म से सीधे मिलो। ये बल्क में खरीदते हैं और बार बार खरीदते हैं।
- पशु मेला या हाट में एक दिन स्टॉल लगाओ। वहां नए ग्राहक एक साथ मिलते हैं।
- व्हाट्सऐप पर अपनी आइटम लिस्ट की फोटो भेजो। किसान को जब सामान चाहिए, वह मैसेज कर देता है।
ग्राहक को सामान का सही इस्तेमाल भी बताओ। जो किसान ड्रेंचिंग गन का सही इस्तेमाल सीख लेता है, वह दोबारा आपके पास आता है। हमारी गाइड किसान को दिखाने के लिए बनी हैं।
मार्जिन और रेट कैसे रखें
बेचने का रेट आप खुद तय करते हैं। थोक रेट और आपके बाज़ार के रेट का फर्क आपका मार्जिन है। रेट तय करते समय देखें कि आस-पास की दुकानें कितना ले रही हैं और किसान को शहर जाने में कितना खर्च पड़ता है। अपना किराया और ढुलाई भी जोड़ें। शुरू में रेट ऐसा रखें कि किसान दोबारा आए। हर महीने लौटने वाला ग्राहक एक बार के बड़े मार्जिन से ज़्यादा कमाई देता है।
A2Z से स्टॉक कैसे लें
A2Z लाइवस्टॉक अपने आईईसी पर यह सामान सीधा इम्पोर्ट करता है। माल भटगांव, सोनीपत (हरियाणा) के गोदाम में रेडी स्टॉक में रहता है। हम दुकान, डीलर और डिस्ट्रीब्यूटर को बेचते हैं।
- कम से कम ऑर्डर एक कार्टन है।
- इलाका खुला है। आप अपने ज़िले, राज्य या पूरे देश में बेच सकते हो।
- कोई जॉइनिंग फीस नहीं। पूरा रीसेल मार्जिन आपका है।
- कैटलॉग के लिए हमें WhatsApp पर मैसेज करें। आपको जो उत्पाद चाहिए, उनके नाम या SKU भेजें। हमारी सेल्स टीम आपको फोन करके दाम बताएगी और आपका ऑर्डर पक्का करेगी। जीएसटी नंबर नहीं है तो कॉल करो, हम बताएंगे कैसे बनवाएं।
- माल रोड से किसी भी राज्य में जाता है।
पहले स्टॉक में क्या आए, यह हम आपके इलाके के पशु देखकर तय करते हैं। यहां पूछताछ भेजो या अपना धंधा शुरू करें पेज पढ़ो। पूरी रेंज पशुपालन पेज पर है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या औज़ार की दुकान के लिए ड्रग लाइसेंस चाहिए?
ड्रग लाइसेंस दवाई के लिए लगता है। हूफ नाइफ, ड्रेंचिंग गन, नाक की नथ और ईयर टैग दवाई नहीं हैं। सिरिंज और सुई पर अपने राज्य का नियम ज़िले के ड्रग ऑफिस से पक्का कर लो।
क्या बिना दुकान के यह काम शुरू हो सकता है?
हां। कई लोग बाइक पर सामान लेकर गांव गांव जाते हैं और डॉक्टर के साथ काम करते हैं। दुकान बाद में खुल सकती है।
पहला ऑर्डर कितना बड़ा हो?
A2Z पर कम से कम ऑर्डर एक कार्टन है। हम लगभग एक लाख के स्टॉक से शुरू करने का सुझाव देते हैं, ताकि दुकान में पूरी रेंज दिखे।
ऑर्डर कैसे दूं?
कैटलॉग के लिए हमें WhatsApp पर मैसेज करें। आपको जो उत्पाद चाहिए, उनके नाम या SKU भेजें। हमारी सेल्स टीम आपको फोन करके दाम बताएगी और आपका ऑर्डर पक्का करेगी।
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